हेल्लो दोस्तों आप सभी का एक और बार हमारे इस पोस्ट में स्वागत है। जीपीएस का नाम तो आप सभी जरूर होंगे कितने लोग तो इसके बारे में जानते भी होंगे लेकिन बहुत सारे लोग ऐसे भी हैं जिनको नहीं पता है की Gps kya hota hai ? और GPS कैसे काम करता हैं ?
दोस्तों आप सभी जानते है की आज काफी टाइम बदल चूका है। पहले लोग नाविक इन तारों का समूह का उपयोग करके सही स्थान पर पहुंचा करते थे। लेकिन आज के टाइम एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए GPS का इस्तमाल किया जाता है।
दोस्तों यहां पर कई लोग ऐसे है जिनको नहीं पता की GPS किसे कहते है ? तो जो नहीं जानते उनको हम GPS Ke Bare Me Jankari पहुचाने की कर्त्वय हमारा बनता है तो दोस्तों अगर आपको जानना है What is GPS in Hindi दोस्तों आज के इस पोस्ट में हम जीपीएस से जुड़ी हर बातो को जानेंगे तो चलिए शुरू करते हैं और जानते हैं।
GPS kya hota hai ? What is GPS in Hindi
Gps का पूरा नाम ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (GPS) हैं जो कि एक उपग्रह-आधारित नेविगेशन प्रणाली है जिसका उपयोग खासतौर पर किसी भी चीज की लोकेशन का पता लगाने के लिए किया जाता हैं।
तथा यह लगभग 24 उपग्रहों से मिल कर बना हुआ है। Gps किसी भी मौसम में लगातार बिना रुके 24 घंटे काम करता है।जीपीएस तकनीक का उपयोग पहली बार 1960 के दशक में संयुक्त राज्य अमेरिका की सेना के द्वारा किया गया था लेकिन आज के दौर में Gps हर चीज़ में है ।
सुरुवात में इसे अमेरिकी रक्षा विभाग (यूएसडीओडी) ने मूल रूप से उपग्रहों को सैन्य उपयोग के लिए कक्षा में रखा था, लेकिन फिर सरकार ने इसको 1980 में सभी नागरिकों के उपयोग के लिए उपलब्ध कर दिया गया।
GPS tracker kaise kam karta hai ?
दोस्तों अब हम जानेगे की gps kaise kam karta hai ? आपको बता दे की जीपीएस सिसटम पृथ्वी की सतह से लगभग 12,000 मील ऊपर अंतरिक्ष में तैनात 24 उपग्रह में शामिल हैं।
और वे हर 12 घंटे में एक बार पृथ्वी की परिक्रमा करते हैं जोकि लगभग 7,000 मील प्रति घंटे की रफ्तार से करती है। उपग्रहों को समान रूप से फैलाया जाता है ताकि चार उपग्रह विश्व में कहीं से भी सीधी रेखा के माध्यम से सुलभ हों।
दोस्तों आपको बता दे की सभी gps उपग्रह एक मैसेज भेजा करता है जिसमें की उपग्रह की प्रेजेंट कंडीशन , कक्षा औ रकठिन समय के बारे में होता है। एक जीपीएस रिसीवर कई सैटेलाइटों से प्रसारण को जोड़कर { त्रिकोणासन } प्रक्रिया का प्रयोग करके सही जगह यानी की स्थति की गिनती करता है।
रिसीवर के स्थान को निर्धारित करने के लिए तीन उपग्रहों की आवश्यकता होती है । इस तरह से जीपीएस काम करता है। आशा करता हु आप अच्छे से समझ गए होंगे की जीपीएस कैसे काम करता है ?
GPS का किन कार्यों में उपयोग होता है ? GPS का उपयोग:-
दोस्तों आपको बता दे की GPS का वैसे तो कई कामों के लिए उपयोग किया जाता हैं । लेकिन कुछ मुख्य काम हैं :-
- Tracking
- Emergency Road Side Support
- Keeping Watch On Elderly People
- Mapping And Surveying
- Locating Positions
- Locating Your Pets
- Preventing Car Theft
- Mining
- Securing Artworks
- Hiking And Backpacking
Gps System कहां से और कब आया है ?
जीपीएस के लिए विचार 1957 में नेटवर्क आधारित जमीन पर चलने वाले रेडियो नेविगेशन सिस्टम और अमेरिकी वैज्ञानिकों द्वारा रूसी अंतरिक्ष यान स्पुतनिक, पृथ्वी की परिक्रमा करने वाले पहले कृत्रिम उपग्रह के प्रक्षेपण पर नज़र रखने से आया था।
वैज्ञानिकों ने देखा कि स्पुतनिक द्वारा प्रसारित होने वाले रेडियो सिग्नल की आवृत्ति धीरे-धीरे अधिक हो गई क्योंकि उपग्रह करीब और कम होता गया क्योंकि उपग्रह उनसे दूर चला गया। यह डॉपलर प्रभाव के कारण है, जो लहर के स्रोत और प्रेक्षक के सापेक्ष गति के अनुसार एक लहर की आवृत्ति में परिवर्तन है।
चूंकि वे पृथ्वी पर अपना सटीक स्थान जानते थे, इसलिए उन्होंने महसूस किया कि वे मैप कर सकते हैं जहां डॉपलर प्रभाव के कारण होने वाली विकृति के लिए उपग्रह सही होकर जा रहा था।
GPS का इतिहास क्या है ?
GPS Project को 1973 में (अमेरिकी ) Department of Defense U.S. द्वारा launch किया गया था।
सबसे पहले इसे US (अमेरिका ) की आर्मी के लिए उपयोग किया गया था. यह सिस्टम सुरूवात में आम नागरिक के लिए उपलब्ध नहीं थी । लेकिन फिर सरकार ने इसे 1995 में आम नागरिक के लिए भी उपलब्ध करवा दिया ।
और globle position system (GPS), मूल रूप से नवसतार जीपीएस संयुक्त राज्य सरकार के स्वामित्व वाली और संयुक्त राज्य अमेरिका की अंतरिक्ष आर्मी दवारा चालू किया है। और यह वैश्विक नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम में से एक है.
जो पृथ्वी पर कहीं भी या जहां जीपीएस या चार उपग्रहों के लिए एक अनियंत्रित लाइन है, वहां जीपीएस रिसीवर को जियोलोकेशन और समय की जानकारी प्रदान करता है। तथा पर्वत और बड़ी इमारत जैसी रुकावट अपेक्षाकृत कमज़ोर जीपीएस सिग्नल को रोकने में मदद करती है।
और दोस्तों आपको बता दे की जीपीएस को किसी भी डाटा को प्रसारित करने के लिए किसी भी यूजर कीजरूरत नहीं होती है और यह किसी भी टेलिफोनिक या इंटरनेट से अपने आप ही चलता है।
हालाँकि ये प्रौद्योगिकियाँ GPS स्थिति की जानकारी की उपयोगिता को बढ़ा सकती हैं। जीपीएस दुनिया भर के सैन्य, नागरिक और वाणिज्यिक उपयोगकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण स्थिति प्रदान करता है।
Gps का पहले की अपेक्षा क्या फायदा हैं ?
चुकीं प्राचीन काल से मनुष्य अपना रास्ता खोजने के लिए आसमान की ओर देख कर रास्ता का पता लगाते थे। तथा प्राचीन काल में नाविकों भी रात के समय में आकाश में तारामंडल का उपयोग यह पता लगाने के लिए किया करते थे कि वे कहाँ थे और कहाँ जा रहे थे।
लेकिन चुकी आज के समय में सब कुछ डिजिटल हो गया है इसलिए हम सभी की जरूरत है एक साधारण और सिम्पल टू यूज सेवा की जो हमे लोकेशन आदि सब बताएं जो कि है Gps [ ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम ].अतः पहले की अपेक्षा आज के समय की Gps system बहुत ही बेहतरीन है।
Gps किस चीज़ से बना हुआ है ?
Global Positioning System यानी कि Gps एक ऐसा system है जो की खासतौर पर तीन चीजों से मिलकर बना हुआ होता है और वो तीन चीजें है Satellites , Ground stations और Receivers. इन तीनो चीजों को हम आपको विस्तार से बताएगे।
>> Satellites का काम क्या होता है – Satellites तारों की तरह काम करते हैं यह जानने के लिए कि वे किस समय कहाँ रहने वाले हैं।
>> Ground stations का काम क्या होता है – Ground stations मुख्यतौर पर Radar का उपयोग करता है यह सुनिश्चित करने के लिए करते हैं कि वे Satellites वास्तव में कहां पर स्थित हैं।
>> Receivers का काम क्या होता है – एक रिसीवर ! जैसा कि आपके फोन में भी रहता हैं । Receiver लगातार इन उपग्रहों से आते सभी संकेतो को सुन रहा होता है।
तथा रिसीवर ही यह पता लगाता है कि वे उनमें से कुछ से कितनी दूरी पर हैं। Receiver को दूरी दर्शाने के लिए लगभग 4 Satellites के संकेतो को मापने की आवश्यकता होती ही हैं । उसके बाद ही वो रिजल्ट दर्शाता हैं।
एक बार जब रिसीवर चार या अधिक उपग्रहों से अपनी दूरी की गणना कर लेता है तब वो यह जानता है कि आप कहां हैं।अतः यह आमतौर पर यह निर्धारित करता हैं कि आप अपने वास्तविक स्थान से कितने गज की दूरी पर हैं।
Gps का आविष्कार किसने किया था ?
दोस्तों आपको बता दे की Gps का आविष्कार अमेरिकी वैज्ञानिक Roger Lee Easton ने इवान ए गेटिंग और ब्रैडफोर्ड पार्किंसन के साथ मिलकर किया था ।
Gps ki full form kya hoti hai ?
दोस्तों जीपीएस की फुल फॉर्म होती है। Global Positioning System खासतौर पर इसका इस्तमाल अपनी खुद की पोजीशन और इन्फोर्मशन कभी भी और कही भी प्राप्त कर सकता है।
Gps ke kya labh hai ?
दोस्तों GPS के लाभ बहुत सारे होते है जैसे की जहां पर जीपीएस का उपयोग करते है तो आपको वास्तविक पोजीशन का हर वक्त रिकार्ड रखा जा सकेगा इससे क्या होगा ड्राइवर जहां भी होगा आपको पता लगता रहेगा। और जब ड्राइवर आपको बहाने लगा कर कही और जाता है तो भी आपको पता लग जायेगा। इससे होगा क्या ड्राइवर पर रोक लगी रही गई।
आखिर में,
दोस्तों उम्मीद करता हु Gps kya hai ? आपको अच्छे से समझ आ गया होगा और जीपीएस कैसे काम करता है ? यह भी आपने जान लिया और भी बहुत से सवालो के जवाब आपको मिल गए होंगे।
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