Poultry farm business से कितना कमाया जा सकता है, मुर्गी पालन से का Project कैसे मिलेगा. Murgi Palan में कितने Investment लगता है.तो इसी सवालो के अंत के लिए मैं ये पोस्ट लिख रहा हूँ.
मुर्गी पालन एक Profitable Busines है.जिसमे मांस , अंडा तो मिलता ही है,साथ ही साथ इसके खाद का मछ्ली पालन में उपयोग कर मछ्ली का उत्त्पाद्न को भी बढ़ाया जा सकता है.
अगर Poultry Farm Business को अच्छे तरीके से किया जाये तो यह बिज़नस किसी नोकरी से कम पैसा नहीं देता है. इस बिज़नस से आज लोग लाखो रूपए महीने घर बैठे ही कामा रहे है.
अगर आप इस बिज़नस में अपना पूरा नोलज, मोटिवेशन, लगन के साथ साथ प्लानिंग से काम करे तो कोई भी इस बिज़नस खूब पैसे कमा सकते है.लेकिन इस बिज़नस को पूरी तरह जानना बहुत जरुरी है.
Broiler poultry farming kaise kare
Dest Murgi Palan Project hindi, Broiler poultry farming Business कुछ बातों पर depend करता है, जो निचे बताया जा रहा है.
पोल्ट्री मांस में उपस्थित तत्वों की मात्रा:-
पोषक तत्व | मात्रा |
---|---|
जल | 65.8% |
प्रोटीन | 16-22% |
वसा | 1.5-2.3% |
कार्बोहाइड्रेट | 0.5-1.5% |
एक दिन के चूजा का परिवहन कैसे करे:-
एक दिन का चूजा 48 घंटा आसानी से परिवहन कर सकता है.चूजो को मोटे कागज के बने बक्से या बांस की बनी जालीदार टोकरी में रखकर परिवहन किया जाता है ,कागज के बक्से में छिद्र करदे ताकि हवा का आवागमन हो. इस अवधि में पानी जरुर दे.
- चुजा आने के बाद 2-4 घंटे तक दाना ना खिलाए.सिर्फ पानी पिलाए.
- चुजा फार्म में आने से पहले गिनती करे.और सभी चुजा को मुँह पकड़कर पानी छुआए ताकि वो पानी सिख जाए.
मुर्गी घर निर्माण हेतू स्थान का चुनाव
मुर्गी पालन शुरू करने से पहले यह जानना बहुत जरुरी होता है.की मुर्गी पालन में पोल्ट्री हाउस कैसा बनाया जाना चहिये.
- स्थान खुला और ऊँचा हो जहा हवा और सूर्य की रौशनी आसानी से पहुच सके
- पोल्ट्री हाउस के बगल बरसात का पानी जमा नही होना चाहिए.
- मुर्गी खाने का फर्श बाहर की जमींन की सतह से 10 इंच ऊँचा रहे, साथ ही फर्श को सीमेंट का पक्का बनाये.
- मुर्गी घर की लम्बाई जितना आधिक हो तो उससे कोई फर्क नही पड़ता है लेकिन चोड़ाई 20-25 फिट के अन्दर होना चाहिए.
आप जिस जगह पोल्ट्री हाउस बनाना चाहते है उसका दिशा इस प्रकार होना चाहिए .
* ठन्डे जगहों में -----north – south
* गर्म जगहों में --- south – east
* गर्म & आद्रता इलाको में – east-west
पोल्ट्री हाउस की ऊंचाई तापमान के अनुसार होता है, गर्मी इलाको में 15 फिट बीच &10 फिट किनारे होना चाहिए.
नार्मल तापमान में 11-12” फिट बीच और 8-9” फिट किनारे होना चाहिए.
फार्म जमीन से 1” फिट ऊपर होना चाहिए.
पोल्ट्री हाउस की देख रेख कैसे करे
मुर्गी घर की देख रेख में निम्नलिखित बातो का ध्यान देना आवश्यक है.:- पोल्ट्री हाउस की देख रेख कैसे करे. ?
- मुर्गी-घर में प्रयाप्त मात्रा में दाना-पानी हमेशा होना चाहिए.
- बर्तन को रोज साफ़ करना चाहिए.
- मुर्गियों को तेज़ हवा,ठंडा,आधिक नमी और धुप से बचाना आवश्यक होता है.
- खाली मुर्गी घर में एक ग्राम पोटेशियम पर्मगेंनेट और 1.5 मी.ली फॉर्मलडीहाईड प्रतिघन फुट के दर से कमरे को बंद धुँआ करना चाहिए.
- मुर्गी घर की दिवार के अन्दर के छेद को समय-समय पर बंद करते रहना चाहिए.
- मुर्गी घर में घुसने से पहले हाथ पैर धो ले और किसी को अन्दर जाने न दे .
- मुर्गी हाउस में बिजली और स्वच्छ पानी होना आवश्यक है.
- फार्म सड़क से दूर,किसी फैक्ट्री से दूर एकांत जगह में होना जरुरी है.
- लिटर को प्रति सप्ताह थोडा उलट्ते रहना चाहिए ताकि वह सुखा रहे . 6 माह में एक बार पुरी तरह बद्ल दे.अगर कही पानी गिर जाए तो उस भाग को हटा देना चाहिए.
मुर्गियों का भोजन
मुर्गियों को क्या खिलाये ? पोल्ट्री में अगर कोई भोजन को अच्छे से मेंटेन कर लिए तो उसका लागत कम हो जाएगी.
- मुर्गियों को खाने में मकई, चोकर, चावल का कोढ़ा,खुद्दी आदि देना उचित रहता है.
- बाजरा,मटर दरा,भूसी आदि भी दे सकते है.
- जाडे कि दिनो मे सुसुम गर्म पानी देना है.
F.C.R ko samjhe:-
Feed converse ratio (फीड रूपांतर अनुपात ) मतलब की मुर्गा 1 किलो वजन होने में कितना दाना खता है.
कुल दाना का वजन / कुल जीवित वजन
Suppose..
अगर हमारे पास 100 मुर्गा है और वो 200 किलो दाना खाकर 100 किलो वजन होता है तो उसका
F.C.R == 200/100 = 2:1
RATIO :- 2:1
F.C.R hamesha 2:1 hona chahiye.
मुर्गी को कोन कंपनी का खाना खिलाये
1. Gold Star 2. Super Feed 3. Moti Feed 4. Gold Mohar 5. Anmol 6. Godrej 7. Sona Gold 8. Aranbag Feed 9. Utra feed 10. Amrit Feed
पोल्ट्री में प्रयोग की जाने वाली चीजे
poultry farming business की शुरुवात करने से पहले हमें यह जानना जरुरी होता है की मुर्गी पालन में किन किन चीजो की जरुरत होती है.
- ब्रूडर
- ब्रूडर गार्ड
- द्रसिंग(पंख उखाड़ने वाला मशीन )
- स्पेयर (दावा छिडकाव के लिए)
- फ्लेम गण
मुर्गियो मे होने वाली बीमारी एवम् उसके इलाज
मुर्गियो मे सक्रमक रोग हो जाने के बाद उन्हे बचाना कठिन हो जाता है,मुरगि के बिमार पड्ते ही उसे दुसरे अच्छे मुर्गियो से अलग कर देना चाहिएचाहिए और doctor ki salah leni chahiye.
1. रानीखेत बीमारी(R.D):
कारण : विषाणु
- यह बीमारी मुर्गियों के लिए सबसे जानलेवा बीमारी है.
- इस रोग की अवधि 8 - 9 दिन में दिखाई देने लग जाता है.
- यह बीमारी किसी भी आयु में हो सकता है.यह रोग बसंत ऋतू में अधिक होता है. चूजा खाना पीना बंद कर देता है.और सुस्त हो जाता है.
- पंख लटक जाती है, झुपने लगती है.स्वाश लेने में दिकत होने लगती है.
- Kho-kho की आवाज होती है. .
- मुह में सिटी की तरह आवाज आती है.
- पतला बदबूदार हरा पिला दस्त होने लगता है.
बचाव एवं उपाय:-
- मरे हुये मुर्गि मे खुद से परीछ्ण करे. इसमें मुँह मे कफ और पेट में चोकर जेसा लगेगा.
- दुसरे लोगो को फार्म में जाने ना दे.फार्म के आस-पास पेड नही होना.
- डॉक्टर से मिले.और दवा ले.(astent vaccine yaa loseta strange vaccine dava le le)
2. Coccidiosis (खुनी दस्त):-
कारण:- प्रोटोजोआ
यह बीमारी अधिकतर बरसात मे होता है क्युकि इस मौसम मे लिटर bhinga रहता है इसलिये लिटर में चुना डालें.
- जो द्मी फार्म का देखभाल करे,उनहे हमेशा फार्म मे जाने से पहले साफ कपड़ा और हाथ धो कर जाना चाहिये.
- जिस घर मे मुर्गि रह चुकी है उसमें नयी मुर्गि से पहले चुने से पोताइ करे,समय समय पर डी.डी.टी का छिड्काव करे
- यदि कोइ मुर्गी अपने झुंड से अलग रहे तो समझ जाएँ कि वो बिमार है.उसे तुरंत वहा से ले जाएँ.
ब्रायलर मुर्गियों का टीकाकरण
हमेशास्वस्थ मुर्गियों का ही टीकाकरण करें और बीमार मुर्गियों को ठीक करने के लिए एंटीबायोटिक दें !
दिन | वैक्सीन या टिके का नाम | देने का तरिका |
---|---|---|
6-7 दिन के भीतर | Lasota Vaccine/ Ranikhet disease लासोटा वैक्सीन/रानीखेत बीमारी के लिए | आँख या नाक में बूंद डालने के द्वारा |
10-12 दिन के भीतर | Infectious Brush Disease/Gumboro इन्फेक्शस ब्रूसल बीमारी या गुम्ब्रो के लिए | ठन्डे या बर्फ वाले के भीतर पानी में, दूध या दूध के पाउडर के साथ |
18-21 दिन के भीतर | Lasota Vaccine ( intermediate) लासोटा वैक्सीन बूस्टर वैक्सीन | ठन्डे या बर्फ वाले का पानी में, दूध या दूध के पाउडर के साथ |
24-30 दिन के भीतर | Gumboro disease गुम्ब्रो बिनरी के लिए बूस्टर वैक्सीन | ठन्डे या बर्फ वाले पानी में, दूध या दूध के पाउडर के साथ |
Conclusion : -
तो दोस्तों आज अपने इस पोस्ट में जाना की पोल्ट्री फार्मिंग यानी मुर्गी पालन कैसे करना है, मुर्गियों को खाना कैसे देना है, पोल्ट्री हाउस कैसा होना चाहिये . मुर्गियों में कोण कौन से बीमारी होती है. उसे कैसे ठीक करे.
Tags BusinessSubscribe Our Newsletter