gst registration जैसा की आप भली भांति जानते है जब से भारत में GST ( गुड्स सर्विस टैक्स ) आया है इसे कही लोगो का बिज़नस बंद हुआ है बिज़नस बंद होने का कारण है वो गलत तरीके से अपना बिज़नस कर रहे थे गलत मेरे कहने का मतलब समझे की सरकार को समय पर कभी tax नही देते थे,
इसी को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार (मोदी सरकार) ने एक कर चालू किया है जिसका नाम दिया है gst तो आज इस पोस्ट में हम gst के बारे में विस्तार से समझेंगे की ये gst क्या है? और gst कैसे काम करती है? और gst के बारे में पूरी जानकारी के लिए पोस्ट को अंत तक जरूर पढ़े|
GST क्या है ? What Is GST
( Gst क्या है ) gst की शुरुआत भारत सरकार 1 जुलाई 2017 में की थी इसकी शुरुआत करने से पहले अलग अलग तरह के tax वसूले जाते थे उन सब को बंद कर के एक tax कर दिया है gst यानि गुड्स सर्विस टैक्स gst चालू करने का आईडिया विजय केलकर समिति ने दिया था.
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gst से पहले अलग अलग तरीके से tax वसूले जाते थे जैसे. excise duty, centaral sales tax, vat, luxury tax, सर्विस tax, इन सब tax को भारत सरकार ने बंद कर दिया है इसे बंद कर के एक tax चालू किया है GST अब आपको एक tax देना होगा बार बार tax देने की जरूरत नही है.
GST कितने प्रकार की होती है? type of gst
मैंने आपको ऊपर बताया है gst ये एक tax यानि एक कर है लेकिन GST को 4 भागो में बाँटा गया जो की निम्न प्रकार है.
#1 CGST = CGST यानि Central Goods service tax यह वो tax है कोई भी बिज़नस एक राज्य के अन्दर होता है उस पर CGST लगता है यह tax केंद्र सरकार के खाते में जमा होता है.
उदारहण – एक साबुन बनती है राजस्थान में और उसकी बिक्री राजस्थान में ही होती है तो उस पर 9% cgst लगता है
#2 SGST = SGST यानि स्टेट गुड्स सर्विस टैक्स यह वो टैक्स है जो एक राज्य के अंदर होने वाले बिजनेस पर जो tax लगता है उसे sgst कहते है ये tax राज्य सरकार के खाते में जमा होता है
उदारहण – एक साबुन बनती है राजस्थान में और उसकी बिक्री राजस्थान में ही होती है तो उस पर 9% sgst लगता है
#3 IGST = IGST यानि Integrated goods सर्विस tax यह वो tax है जो दो राज्य में बिज़नस होता है उस पर igst लगता है यह tax केंद सरकार और राज्य सरकार दोनों खाते में जमा होता है
उदारहण = एक पेन बनता है राजस्थान में और उसकी बिक्री उतरप्रदेश में होती है उस पर igst लगता है.
GST नंबर का मतलब
जैसा की आप जानते है GST 14 या 16 अंको का होता है उसके जो नंबर है उसका अलग अलग मतलब है जो निम्न प्रकार है
gst नंबर के आगे के जो दो अंक होता है वो स्टेट code होता है जैसे delhi के 07 है 08 राजस्थान के है.
स्टेट code के बाद जो 10 अंक होता है वो मालिक या बिज़नस के पैन कार्ड के नंबर होता है.
13वा अंक होता है राज्य के बिज़नस के रजिस्ट्रेशन नंबर होता है
14वा अंक Z रखा जाता है या फिर अंक भी हो सकता है इसे सामान्य रखा गया है
Gst full form ? Gst meaning
Gst full form ? Gst meaning gst का फुल फॉर्म है गुड्स सर्विस टैक्स
G – Goods -गुड्स
S – Service -सर्विस
T – Tax -टैक्स
GST registration कैसे करे ? GST registration PROCESS
अब आपको GST registration के लिए किसी ऑफिस का चक्कर नही काटना gst की साईट पर जाकर ऑनलाइन घर बैठे GST registration कैसे सकते है. इस साईट पर क्लिक करे https://reg.gst.gov.in/registration/
नंबर 1# जो पेज खुलेगा उसमे अपना नाम, पैन नंबर, मोबाइल नंबर, भर के सबमिट करना है
नंबर 2# आपके नंबर वेरीफाई करने के लिए otp आएगा उसे दर्ज करे और सबमिट करे.
नंबर 3# आपके नंबर पर एक सन्देश आएगा उसमे APN नंबर आएगा उसे नोट करके रखे आगले पेज में काम आएगा
नंबर 4# जो पेज खुलेगा उसमे डॉक्यूमेंट अपलोड करना होता है ध्यान से पढ़कर अपलोड करे एक बात का ध्यान डॉक्यूमेंट PDF में ही अपलोड करे. APN नंबर दर्ज करके सबमिट करे
नंबर 5# अगर किसी और जानकारी की जरूरत होगी तो अगला पेज खुलेगा ये बार बार change होता रहता है ये फॉर्म आपको सात दिन के अंदर सबमिट करना होगा
अगर आपके द्वारा सबमिट किया गया फॉर्म में कुछ गलती होती है तो रिजेक्ट भी हो सकता है इसलिए ध्यानपूर्वक भरे.
अगले वर्किंग 7 दिन में आपको GST registration नंबर मिल जायेगा और आप अपना बिज़नस स्टार्ट कर सकते है बेझिझक
GST के लाभ Benifits Of Gst
- भारत सरकार में ज्यादा tax जायेगा तो देश की आर्थिक व्वयस्था मजबूत होगी
- किसी भी वाहन पर पहले जो tax लगता था 40% अब घटकर 18% हो गया है
- रेस्टोरंट पर लगने वाले tax पर भारी छुट
- घर या कोई प्रोपटी अगर खरीदते है उस पर लोन लेते है उस पर ब्याज कम लगेगा
- बहुत सारे पेपर रोड पर साथ लेकर चलना होता है अब सिर्फ eway बिल ही काफी है उसमे सारी जानकारी होती है
- पहले सारे tax मिलाकर 40 से 45 प्रतिशत होता था अब 28% से ज्यादा नही है
- gst लगने के बाद सेल tax ऑफिस में भष्टाचार की सम्भावना बहुत कम हो जाएगी
- गाड़ी ड्राईवर को आराम मिलेगा नही तो रोड पर चलते तब पसीना छुट जाता था
- अपने बिज़नस को ऑनलाइन लाने का मौका
- जो आप gst देते है वो आपको return मिल जाती है
gst से नुकसान
- पहले खाने की चीजो पर tax नही लगता था अब gst देनी होगी
- लाइट से चले वाले सामान महंगे हो गये
- लाइट बिल में भी tax देना पड़ेगा
- कपडे बहुत महंगे हो गये है gst लगने के बाद
- छोटे कारोबार बंद हो गये
- मोबाइल कम्पूटर की महंगाई बढ़ी
- रोड tax में बढ़ोतरी
- कुल मिलाकर महंगाई gst आने के बाद बढ़ी है
निष्कर्ष
तो आज आपने इस पोस्ट माध्यम से जाना GST registration के बारे में और gst को समझा मुझे पूरी उम्मीद है की आपको ये पोस्ट पसंद आई होगी अगर आपके मन में कोई सवाल है तो मुझे कमेन्ट बॉक्स में जरूर पूछे.
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