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आपको TV देखना क्यों छोड़ देना चाहिये? 4 बड़े कारण - AdviceSagar

क्या आप भी घंटो टीवी देखना पसंद करते हैं? काम के वक़्त भी टीवी देखने का मन करता है? टीवी देखने से आपके ऊपर कैसा प्रभाव पड़ता है?और आज ही आपको टेलीविज़न देखना क्यों छोड़ देना चाहिये. आज हम इसी के बारे में बात करने वाले हैं.

4 कारण, जिसे पढ़ कर आज से ही टीवी देखना छोड़ देंगे.

अक्सर हम अपने घर में बड़े-बुजुर्ग से यह बात कहते हुए सुनते हैं कि बेटा ज्यादा टीवी मत देखो.यह सेहत के लिए सही नहीं है,इससे आँखों पर बुरा प्रभाव पड़ता है या ऐसे ही बहुत से कारण जो हमें बताया या समझाया जाता है.

लेकिन इन सब बातों का हमारे ऊपर कोई फर्क नहीं पड़ता.हम थोड़ी देर के लिए उनकी बातों को मान कर टीवी बंद कर देते हैं और कुछ देर बाद उनके कहीं चले जाने के बाद वापस से टीवी चालू कर लेते हैं.

अगर आपका भी व्यवहार टीवी के प्रति ऐसा ही है तो इसमें चिंता करने की कोई बात नहीं है.यह मनुष्य का   स्वाभाविक प्रकृति है.जब तक हमें सही कारण का एहसास नहीं होता हम सही निर्णय नहीं ले पाते हैं.
तो चलिए कुछ strong reasons को देख लेते हैं जिन्हें जान कर आपकी सोच में फर्क आएगा.हम यहाँ जितने भी कारण बतायेंगे आप सभी से इस्तेफाक रखेंगे,और उससे खुद को जुड़ा हुआ महसूस करेंगे.

टीवी से हो रहा ब्रेन वाश 

Brain Wash का सीधा सा मतलब होता है आपके दिमाग से पुराने विचारधारा को हटा कर नए विचारधारा को डालना.
यह आपकी सोच को पूरी तरह से बदल कर रख देता है.आप दुनिया को एक नए नजरिये से देखने लगते है.

हम सही को गलत और गलत जो सही समझने लगते हैं,क्योंकि हमारा brain wash कर के गलत धारणाओं को हमारे जहन में उतार दिया जाता है.इसे इतने व्यवस्थित ढंग से अंजाम दिया जाता है कि हमें पता भी नहीं चल पता की हमारा brain wash किया जा चूका है.

चलिए दैनिक जीवन में होने वाले कुछ उदाहण की मदद से इसे समझने की कोशिश करते हैं कि आखिर टीवी देख कर हमारी सोच किस तरह से बदल रहा है.

  • आप सुबह-सुबह उठते हैं और सोचते हैं कि चलिए थोड़ा समाचार देख लेता हु देश-दुनिया में क्या हो रहा है,दो-चार सामान्य न्यूज़ देखने के बाद आप एक ऐसा न्यूज़ देखते हैं कि कहीं दंगा हो गया है जहाँ हिन्दू और मुस्लिम आपस में लड़-मर रहें हैं.
    अब आप तुरंत उठ कर बैठ जाते हैं और अपने टीवी का आवाज बढ़ा कर पूरी सिद्दत से उसे देखने लगते है.

    यह सिलसिला लगातार चलता रहता है हमें रोज कहीं ना कहीं लडाई-झगडे, दंगे-फसाद का समाचार देखने या सुनने को मिल ही जाता है.यह कभी हिन्दू-मुस्लिम तो कभी दलित को लेकर होता रहता है.

    जैसा की कहा गया है न कि अगर बार बार किसी झूठ को देखा जाये तो वह भी सच प्रतीत होने लगता है.

    यही बात यहाँ पर भी लागु होती हैं जब हम रोज कुछ इसी तरह के समाचार से रूबरू होते रहते हैं तो यह बात हमारे अवचेतन मन में जगह बना लेती है.और हमारे सोचने का दृष्टिकोण बदलने लगता है.

    इस तरह के समाचार को बार बार देखने के बाद हिन्दू मुस्लिम को सही नहीं समझता और मुस्लिम हिन्दू को.

    लेकिन अगर हम टीवी से निकल कर बाहर की दुनिया को देखते हैं तो यहाँ आपको नज़ारा बिलकुल ही उलट दिखता है,जो की टीवी चैनल वाले कभी आपको नहीं दिखाते.
    रियल दुनिया में अगर नजर उठा कर देखें तो बहुत से ऐसे राजू मिल जायेंगे जिनका बेस्ट फ्रेंड रहीम है,जिसे टीवी ने एक दुसरे का जानी दुश्मन बना कर दिखाया था.
    अब बात करते हैं इसकी सच्चाई कि तो बहुत बार यह साबित हो चूका है की सिर्फ TRP के चक्कर में टीवी चैनल ने किसी भी मुद्दे को जानबूझ कर हिन्दू-मुस्लिम से जोड़ कर दिखाया है जिसका वास्तविकता से कोई नाता नहीं होता.
  • पर तो ऐसे ढेरों भड़काऊ पोस्ट भरे पड़े हैं.जो लोगों को गुमराह करने के उद्देश्य से ही शेयर किया जाता है.

     मेरी आपसे सिर्फ एक गुजारिश है कि सच्चाई देखने के लिए सिर्फ आँख ही नहीं दिमाग भी खुला रखें. 

  • टीवी पर सास-बहु के धारावाहिक बहुत लोकप्रिय होते हैं.जिन्हें देखकर घर में झगड़े के नए आयाम खुलते हैं.आपने भी इस बात को कभी ना कभी महसूस किया होगा.
  • फिल्म के लड़ाई वाले सीन को देख कर बच्चे भी ढिसुम-ढिसुम करने लगते है.देखा है ना.. 
  • आज से कुछ साल पहले जब शक्तिमान आता था तो उसे देख कर बच्चे छत से छलांग लगा रहे थे.और बचाओ शक्तिमान बचाओ शक्तिमान चिल्ला रहे थे.ऐसा करने से बहुत से बच्चे घायल हो गए थे
इससे पता चलता है कि टीवी का हमारे दिमाग पर बहुत गहरा असर पड़ता है.इसका प्रयोग कर के आसानी से किसी को भी गुमराह किया जा सकता है या किया जा रहा है.
आपसे हमारी यही अनुरोध है की टीवी पर दिखने वाली किसी भी बात को सच ना मान ले,वह कितना भी सच प्रतीत  क्यों ना हो रहा हो,पहले खुद से भी एक बार उस पर विचार अवश्य करलें.

समय की बर्बादी

टीवी पर फालतू के चीज देख कर हम अपने जीवन का अमूल्य समय बर्बाद कर रहे होते है.अगर कोई अच्छा प्रोग्राम भी आ रहा हो तो बीच में इतना ज्यादा प्रचार डाल देते हैं कि आपका समय बर्बाद होना तय है.
अब पैसा कमाने के लिए उन्हें तो प्रचार दिखाना पड़ेगा ही,अब यह आपको निर्णय लेना होगा की आपका समय आपके लिए कितना महत्वपूर्ण है?
आप प्रचार के साथ टीवी पर वह देखना पसंद करेंगे जो चैनल वाले दिखायेंगे, या फिर ऑनलाइन वह देखना पसंद करेंगे जो आपके काम की चीज हो.

दिमाग में कचरा भरा जा रहा है.

टीवी पर ऐसे बहुत से प्रोग्राम दिखाए जाते है जो लोगों की जिंदगियां तबाह करने के लिए काफी है.यह हमारे दिमाग में ऊल जलूल बातें डालते हैं.जिनका सच्चाई से कोई वास्ता नहीं होता लेकिन यह इस तरह से प्रदर्शित किया जाता है की जैसे सच हो.और ज्यादातर लोग इसे सच मान भी लेते हैं.
यह सिर्फ व सिर्फ हमारे दिमाग को निष्क्रिय करते है.जब इन सब बातों पर आप गौर करेंगे तो  आपको सब कुछ समझ आ जायेगा.

गुमराह करना

लोगों को बेवकूफ बनाने के लिए आज टीवी का ही सबसे ज्यादा प्रयोग किया जा रहा है.क्योंकि इसके जरिये लोगों तक आसानी से पंहुचा जा सकता है,और गलत बात को भी सही साबित किया जा सकता है.

किसी एक की बात आपको गलत लग सकता है,2 की बात गलत लग सकता है लेकिन अगर एक ही बात बहुत से लोग बार बार कहें तो वह गलत बात भी सही लगने लगाती है. इसी फोर्मुले का इस्तेमाल आज के समय में किया जा रहा है.

आपको एक ही चीज को घुमा फिरा कर दिखाया जाता है, और धीरे धीरे आपको वह बात सच लगने लगाती है,जो कभी सच था ही नहीं.

अगर आप चाहते है की आपके दिमाग को कोई और कण्ट्रोल ना करे तो आपको टीवी देखना छोड़ देना चहिये. नहीं तो आपको पता भी नहीं चलेगा की कब आपकी स्वतंत्रता छीन गयी.और आपके ऊपर किसी और का नियंत्रण हो गया.

Hello Friends, मैं आशा करता हूँ की आपको ये आपको टीवी देखना क्यों छोड़ देना चाहिये? 4 बड़े कारण.Side Effects Of Television - AdviceSagar post पसंद आई होगी. अगर आपको इस post से related कोई सवाल या सुझाव है तो नीचे comment करें और इस post को अपने दोस्तों के साथ जरुर share करें.

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